Jul 12, 2018

कम सिबिल स्कोर के साथ भी व्यक्तिगत ऋण पाने के लिए युक्तियाँ/सुझाव [CIBIL Score improve tips]

कम सिबिल स्कोर के साथ भी व्यक्तिगत ऋण पाने के लिए युक्तियाँ/सुझाव [CIBIL Score improve tips]

CIBIL SCORE : आपका क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (CIBIL) स्कोर एक तीन अंकों वाला नंबर है जो पूरी तरह से आपका क्रेडिट इतिहास है। यह स्कोर 300 से 900 तक होता है, जहां वित्तीय मामलों में 750 से ऊपर का स्कोर आपको योग्य बनाता है। आपका स्कोर जितना अधिक होगा, लोन देने वाले आपको और भी ज्यादा जिम्मेदार मानेंगे। यह उन्हें दिखाता है कि आप समय पर लोन चुका सकते हैं।
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Image: google | how to improve cibil score

जब व्यक्तिगत ऋण की बात आती है, तो आपका CIBIL स्कोर और भी महत्वपूर्ण होता है। यह लोन देने वालों की नज़रों में आपकी विश्वसनीयता और विश्वास बनाता है। यह कहना सही नहीं है कि आपको कम CIBIL स्कोर के साथ पर्सनल लोन नहीं मिल सकता है। उधार देने वाले आपके आवेदन को अनुमोदित तो कर सकते हैं, मगर चूंकि आप एक जोखिम वाले व्यक्ति हो सकते हैं तो आपसे ब्याज अधिक लेंगे।

तो, तुरंत ही एप्रूवल लें और बेहद मामूली दरों पर पर्सनल लोन लें, यहां वे तरीके हैं जिनमें आप अपना CIBIL स्कोर सुधार सकते हैं।

समय पर ईएमआई(EMI) भुगतान करें

अगर हम ईएमआई समय पर नहीं देते हैं या देर से देते हैं तो यह भी आपके सिबिल स्कोर पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। ईएमआई भुगतान की मिसिंग डेडलाइन के साथ भी यही होता है। तो, ईएमआई हमेशा समय पर दें और उसके लिए एक रिमाइंडर लगा लें। आप अपने बैंक के साथ एक ऑटो-डिडक्शन भी कर सकते हैं या ईएमआई भुगतान के लिए एक अलग नकद शेष रख सकते हैं। इस तरह, आप की न तो कोई डेडलाइन ही मिस होगी और न ही आपको यह चिंता होगी कि आपके पास जरूरी पैसा नहीं है, यही दो बातें हैं जो आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित कर सकती हैं।

जितनी जल्दी हो सके  लोन चुकादें।

यदि आप समय के साथ लोन की समय सीमा बढ़ाते जाते हैं, तो यह आपके क्रेडिट स्कोर को नकारात्मक रूप से दिखाना शुरू कर देता है। इसलिए, लोन को बकाया रखने के बजाय इसे बोनस या निवेश से मिलने वाली आय के प्रयोग से चुकाने की कोशिश करें। जल्दी पुनर्भुगतान आपको क्रेडिट स्कोर को बढ़ावा देगा।

एक स्थिर आय पोर्टफोलियो बनाएँ।

एक सुरक्षित नौकरी आपको आश्वस्त करती है कि आपके पास ईएमआई का भुगतान करने के लिए जरूरी माध्यम है। यह आपके क्रेडिट स्कोर में बदल जाएगा। इसके अलावा, निवेश के माध्यम से आय के अन्य स्रोतों और / या किराये की संपत्ति से आय देखें। इससे लोन चुकाया दे सकता है।

यह भी पढ़ें: पर्सनल लोन लेना हुआ आसान। Personal loan लेने से पहले महत्पूर्ण बातें।

समय पर कर चुकाएं

यदि आप नियमित रूप से कर देते हैं तो यह आपके क्रेडिट स्कोर में जोड़ा जाएगा। आपकी बचत और संपत्ति के लिए आपकी आय और व्यय के लिए एकाउंटिंग लोन देने वालों की नज़रों में आपका मूल्य बढ़ाएगा। इसलिए, सुनिश्चित करें कि आपने सभी कर समय पर चुकाए हैं और वह सारी जानकारी है जिसे आप कानूनी रूप से घोषित करने के लिए बाध्य हैं। एक बार ऐसा करने के बाद, आपका क्रेडिट स्कोर इसे सकारात्मक तरीके से प्रतिबिंबित करेगा। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है यदि आप किसी भी प्रकार का लोन ले रहे हैं। दस्तावेज दाखिल करते समय आपको पिछले कुछ वर्षों से अपनी कर रसीद जमा करनी पड़ सकती है।

चूंकि पर्सनल लोन पैसों की अलग-अलग ज़रूरतों को पूरा करने का एक आसान और तेज़ तरीका है, इसलिए अपने सीआईबीआईएल स्कोर पर ध्यान दें। एक बार जब आप अपने सीआईबीआईएल स्कोर की जांच कर लेंगे, और यदि कम हो तो अपने स्कोर को बढ़ाने का प्रयास करें और बजाज फिनसर्व से पर्सनल लोन लें। यहां आप एक लचीली अवधि, जमानत मुक्त, सरल पात्रता और लचीले प्रीपेमेंट का आनंद ले सकते हैं। पर्सनल लोन, होमलोन, बिजनिस लोन और कई अन्य वित्तीय उत्पादों के लिए बजाज फिनसर्व प्री-एप्रूव्ड ऑफर भी देखें। न केवल यह फाइनेंसिंग की प्रक्रिया को सरल करता है बल्कि बचत के समय भी आपकी मदद करता है।
बिजनेस लोन पर सबसे कम दर कैसे प्राप्त करें - How to get business loan at low interest rates

बिजनेस लोन पर सबसे कम दर कैसे प्राप्त करें - How to get business loan at low interest rates

Summary – क्या आप बिजनेस लोन पर सबसे कम दर प्राप्त करने के लिए उत्सुक हैं? आगे पढ़ें और अधिक जानकारी प्राप्त करें!
क्या आप आपने कारोबार को बढ़ाना चाहते हैं जिसके लिए आप बिजनेस लोन लेने की सोच रहे हैं? आप अकेले नहीं हैं| आपको बहुत सारे लोग मिल जाएँगे जो एक व्यापार ऋण लेकर अपने कारोबार को नई ऊंचाई तक ले जा पाए हैं| आजकल यह सुविधा बहुत आसानी से उपलब्ध है। अगर आपके पास क़र्ज़ वापसी के बेहतर उपाय हैं तो आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है|
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अधिकतर लोगों को समस्या का सामना तब करना पड़ता है जब उन्हें हर माह व्यापार ऋण ब्याज दर के हिसाब से EMI का भुगतान करना पड़ता है| अगर आपने इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो ये बिजनेस लोन चुकाना आपके लिए कष्टदायक साबित हो सकता है, इसलिए आपको अपने ऋण के खर्च को कर्म करने के उपाय के बारे में जानकारी होनी ही चाहिए! ये करना इसलिए भी आवश्यक है ताकि आप अपने मासिक खर्च को आसानी से संचालित कर सकें!

आइये आपको बताएं किस प्रकार आपको अपने व्यापार ऋण पर सबसे कम दर कैसे प्राप्त होगा, इस पर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत करा दें|

  अपने क्रेडिट स्कोर का आंकड़ा ऊँचा रखें 
अगर आपको अपने व्यापार ऋण पर सबसे कम दर चाहिए तो इसके लिए आपके क्रेडिट स्कोर का अधिक होना ज़रूरी है! आपको कम दर पर ऋण मिलेगा या नहीं ये आपका क्रेडिट स्कोर तय करता है| अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, तो आप अपने व्यापार ऋण पर कम व्यापार ऋण ब्याज दर पाने के हकदार है! अपने ऋणदाता कंपनी से आज ही मिल कर बताएं कि आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा हैं इसलिए आपको उन्हें कम दर पे ऋण देना चाहिए!

  अपनी ऋण चुकाने की क़ाबलियत को बरक़रार रखें 
अगर आप अब तक अपने क्रेडिट कार्ड, पहले से ली हुई ऋण की EMI को चुकाने में कामयाब रहें हैं तो आपको इसका लाभ मिल सकता है| जी हाँ, हमेशा याद रखें की आपका पुरानी ऋण की EMIs को समय से चुकाना ये साबित करता है की आप एक ज़िम्मेदार ऋणी हैं! बैंक्स और नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कम्पनीज (NBFCs) ऐसे लोगों को कम दर पर ब्याज देने में हिचकिचाती नहीं हैं! इसलिए अगर आपको अधिक बिजनेस लोन  ब्याज दर देने की चिंता है तो फ़िक्र ना करें, क्यूंकि आपका समय से ऋण चुकाना आपको कम दर पर ऋण मिलने की गारंटी है|

  अपने ऋण प्रदाता कंपनी से समपर्क करें 
आप अपने ऋण प्रदाता कंपनी से भी व्यापार ऋण ब्याज दर को कम करने के लिए मिल सकते हैं और अपने ज़िम्मेदार ऋणी होने के सारे सबूत पेश कर सकते हैं! जी हाँ, अपने ऋण प्रदाता से ब्याज दर को कम करने के लिए मोल-भाव करने में बिलकुल भी संकोच न करें|

क़र्ज़ लेने से पहले कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें 

चाहें वो गृह ऋण हो या व्यापार ऋण, अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखते हैं तो आपको एक ऋण को सँभालने में कभी कोई समस्या नहीं आएगी! आइये वैसी कुछ बातों पे ध्यान दें!

 ⚫ क़र्ज़ भुगतान की काबिलियत के अनुरूप ही लें 
अगर आप क़र्ज़ ले रहे हैं तो आपको चुकाना भी पड़ेगा क्यूंकि ये उधार है, आपका खुद का पैसा नहीं! इसलिए हमेशा ये सुनिश्चित करें के आप कोई भी क़र्ज़ उसको चुकाने की सहूलियत के हिसाब से ही लें| अपनी आमदनी के हिसाब से ही ऋण लें ताकि आप उसको चुका भी पायें|

 ⚫ क़र्ज़ कम अवधि के लिए ही लें 
क़र्ज़ पर ब्याज दर भी देना पड़ता है जो कि एक अलग खर्चा है इसलिए जितना जल्दी हो सके क़र्ज़ को उतार दें और अधिक से अधिक पैसा बचाएं!

 ⚫ फ़िजूलखर्ची के लिए क़र्ज़ न लें
क़र्ज़ सिर्फ आपातकालीन स्थिति में ही लें जब आपके पास पैसे ना हो और पैसे की सख्त ज़रूरत हो| इसलिए अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए ही ऋण लें और फ़िज़ूलखर्ची या अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए तो बिलकुल भी ना लें|

अंतिम बात 

अब आपको ज्ञात हो चूका है कि बिजनेस लोन ब्याज दर को कम करने या बेहतर ऑफर पाने के लिए कौन सा कदम सही रहेगा! आज ही ऑनलाइन फॉर्म भरें और आगे बढे!

Jul 3, 2018

पर्सनल लोन लेना हुआ आसान। Personal loan लेने से पहले महत्पूर्ण बातें।

पर्सनल लोन लेना हुआ आसान। Personal loan लेने से पहले महत्पूर्ण बातें।

पैसा लेने का एक असुरक्षित तरीका, पर्सनल लोन बहुत सारे उद्देश्य पूरे करता है. फिर चाहे छुट्टी पर जाना हो, घर में कुछ साज सजावट करानी हो, कोई महंगा सामान खरीदना हो, एक पर्सनल लोन तुरंत पैसे मिलने का एक विकल्प होता है। हालाँकि इस लोन को लेने से पहले कुछ बातों को आपको जान लेना चाहिए।
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आपको कितने लोन/ऋण की जरूरत है?

एक पर्सनल लोन लेने से पहले, बहुत जरूरी है कि आपको यह पता हो कि कितना ऋण लेना है। अपनी एकदम सटीक आवश्यकता का पता लगाने के लिए अपनी जरूरतों को जाने। क्योंकि एक असुरक्षित लोन होने के नाते आपका क्रेडिट स्कोर लोन की राशि तय करने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक ऐसा लोन लें जो आप अपने दूसरी आर्थिक जरूरतों से समझौता किये बगैर चुका सकें। आदर्श रूप से ईएमआई की रकम आपकी मासिक आय से 40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

लोन की अवधि क्या है?

लोन की अवधि लोन देने वाले पर निर्भर करती है. अधिकतर लोन देने वाले यह सुनिश्चित करते हैं कि आप अपनी सुविधा के अनुसार लोन चुका पाएं। इंटरनेट पर विविध पर्सनल लोन देने वालों की अवधि की तुलना करें और उसे चुनें जो आपकी और जरूरतों और रीपेमेंट क्षमता के हिसाब से सबसे सही हो। आप जो भी अवधि चुनेंगे वह आपकी मासिक ईएमआई को प्रभावित करेगी।

ब्याज की दर क्या है?

यह एक और जरूरी सवाल है जो आपको लोन लेने से पहले पूछना चाहिए. व्यक्तिगत ऋण की ब्याज दर मासिक ईएमआई के रूप में आती है। किसी भी अंतिम फैसले पर पहुँचने से पहले इंटरनेट पर विविध पर्सनल लोन देने वालों के ब्याज दर की तुलना कर लें। ब्याज दर आपके क्रेडिट स्कोर, लोन की राशि और अवधि और कई अन्य कारणों पर निर्भर करता है।

क्या आपको किसी बैंक से लोन लेना चाहिए या एनबीऍफ़सी से?

जहां पहले, बैंक पर्सनल लोन देने का प्राथमिक स्रोत थे, आज कई गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) भी पर्सनल लोन दे रहे हैं। एक नए द्रष्टिकोण के साथ कुछ प्रमुख एनबीएफसी फ्लेक्सी पर्सनल लोन भी दे रही हैं, जहां आपको केवल अपनी स्वीकृत ऋण से आप जो राशि इस्तेमाल करते हैं, उसी पर ब्याज देना होगा।

क्या आपके पास कोई और भी लोन/ऋण  है?

अगर आपके पास कोई पहले से ऋण  है, तो इसका सीधा असर आपकी लोन चुकाने की क्षमता पर पड़ेगा। लोन की राशि मंजूर करते समय उधारकर्ता इसे भी ध्यान में लेंगे। जब आपके पास पहले से ही कई लोन और देनदारियां हैं पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते समय यह, सुनिश्चित करें कि आपने समय पर वर्तमान लोन की ईएमआई का भुगतान किया है।

पर्सनल लोन समय-समय पर पैदा होने वाली कई जरूरतों को पैसा देने के सबसे सुविधाजनक तरीकों में से एक है। अगर आप कई लोन की तुलना करेंगे और आप पर्सनल लोन के डॉक्यूमेंट को सही से समझ लेंगे तो आपको एक बेहतर डील मिल सकती है।

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Jul 2, 2018

नीलम संजीव रेड्डी | भारत के छटे राष्ट्रपति | जीवनी |

नीलम संजीव रेड्डी | भारत के छटे राष्ट्रपति | जीवनी |

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नीलम संजीव रेड्डी की जीवनी

नीलम संजीव रेड्डी - भारत के छटे राष्ट्रपति जी की जीवनी | Six President of India- Neelam Sanjiva Reddy.


जन्म:-  रेड्डी का जन्म 19 मई 1913 तेलगु बोलने वाले आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में मध्यम वर्गीय परिवार मे हुआ था.  कृषक परिवार में जन्मे होने के बावजूद वे एक कुशल नेता थे. नीलम संजीवा रेड्डी के पिता का नाम नीलम चिनप्पा रेड्डी  था. वे कॉग्रेस के पुराने कार्यकर्ता और प्रसिद्ध नेता टी. प्रकाशम के साथी थे. इनका परिवार भगवन शिव में बहुत अधिक आस्था रखते था.

रेड्डी जी की प्रारंभिक शिक्षा थियोसोफिकल हाई स्कूल अंडयार, मद्रास में शुरू हुई थी. इसी विद्यालय में रेड्डी जी अध्यात्म की ओर आकर्षित हुए थे और उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने आर्ट्स कॉलेज अनंतपुर में प्रवेश लिया. किन्तु जुलाई 1929 में गांधीजी से मिलने के बाद रेड्डी जी का जीवन पूरी तरह से बदल गया.

परिवार

इनके पिता का: नामनीलम चिनप्पा रेड्डी था नीलम संजीव रेड्डी का विवाह 8 जून, 1935 को नागा रत्नम्मा के साथ सम्पन्न हुआ था। इनके एक पुत्र एवं तीन पुत्रियाँ हैं। पुत्र सुधीर रेड्डी अनंतपुर में सर्जन की हैसियत से अपना स्वतंत्र क्लिनिक पार्टी ऑफ़ इण्डिया के प्रभावशाली नेता रहे हैं और आज़ादी की लड़ाई में यह भी कई बार जेल गए हैं।

शिक्षा

नीलम संजीव रेड्डी की प्राथमिक शिक्षा 'थियोसोफिकल हाई स्कूल' अड़यार, मद्रास में सम्पन्न हुई। आगे की शिक्षा आर्ट्स कॉलेज, अनंतपुर में प्राप्त की। महात्मा गांधी के आह्वान पर जब लाखों युवा पढ़ाई और नौकरी का त्याग कर स्वाधीनता संग्राम में जुड़ रहे थे, तभी नीलम संजीव रेड्डी मात्र 18 वर्ष की उम्र में ही इस आंदोलन में कूद पड़े थे। इन्होंने भी पढ़ाई छोड़ दी थी। संजीव रेड्डी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन में भी भाग लिया था। यह उस समय आकर्षण का केन्द्र बने, जब उन्होंने विद्यार्थी जीवन में सत्याग्रह किया था। वह युवा कांग्रेस के सदस्य थे। उन्होंने कई राष्ट्रवादी कार्यक्रमों में हिस्सेदारी भी की थी। इस दौरान इन्हें कई बार जेल की सज़ा भी काटनी पड़ी।

राजनैतिक जीवन

सन 1946 में वे मद्रास विधान सभा के लिए चुने गए और कांग्रेस विधायक दल के सचिव बनाये गए। बाद में उन्हें मद्रास से ‘भारतीय संविधान सभा’ का सदस्य बनाया गया। अप्रैल 1949 से अप्रैल 1951 तक वो मद्रास राज्य में आवास, वन और निषेध मंत्री रहे। सन 1951 में वो मद्रास विधान सभा का चुनाव हार गए।

सन 1951 में एन. जी. रंगा को हराकर वो आंध्र प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष बन गए। जब 1953 में आंध्र प्रदेश की स्थापना हुई तब टी. प्रकाशम् मुख्यमंत्री और नीलम संजीव रेड्डी उप-मुख्यमंत्री बने। बाद में जब तेलेंगाना को आंध्र प्रदेश में शामिल किया गया तब रेड्डी मुख्यमंत्री बनाये गए और 1 नवम्बर 1956 से 11 जनवरी 1960 तक इस पद पर बने रहे। मार्च 1962 से फरवरी 1964 तक रेड्डी एक बार फिर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। नागार्जुन सागर और श्रीसैलम बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएं उनके कार्यकाल में ही प्रारंभ हुईं। रेड्डी की कार्यकाल में आंध्र प्रदेश सरकार ने कृषि और संबद्धित क्षेत्रों के विकाश पर ध्यान दिया।

सन 1960 और 1962 के मध्य नीलम संजीव रेड्डी तीन बार भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए। वो तीन बार राज्य सभा के सदस्य भी रहे। 1966 में लाल बहादुर शाष्त्री मंत्रिमंडल में वह इस्पात और खनन मंत्री रहे और जनवरी 1966 से मार्च 1967 के मध्य उन्होंने इंदिरा गाँधी सरकार में परिवहन, नागरिक उड्डयन, जहाजरानी और पर्यटन मंत्रालय संभाला।
नीलम संजीव रेड्डी | भारत के छटे राष्ट्रपति | जीवनी |
नीलम संजीव रेड्डी | भारत के छटे राष्ट्रपति |

सन 1967 के लोक सभा चुनाव में रेड्डी आंध्र प्रदेश के हिन्दुपुर से जीतकर सांसद बन गए और 17 मार्च को उन्हें लोक सभा का अध्यक्ष चुन लिया गया। लोक सभा अध्यक्ष पद को निष्पक्ष और स्वतंत्र रखने के लिए उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अध्यक्ष को संसद का प्रहरी कहा और कई मौकों पर इंदिरा गाँधी से भी मोर्चा ले लिया जिसका खामियाजा उन्हें दो साल बाद राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भुगतना पड़ा। 

सन 1969 में राष्ट्रपति जाकिर हुसैन की मृत्यु के बाद कांग्रेस पार्टी ने रेड्डी को राष्ट्रपति का उम्मीद्वार चुना पर प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने उनकी उम्मीदवारी का विरोध किया क्योंकि वो इंदिरा गाँधी के विरोधी गुट में शामिल थे और इंदिरा को ऐसा लगा कि अगर रेड्डी चुनाव जीत जाते हैं तो उन्हें प्रधान मंत्री पद से हटाया जा सकता है। इंदिरा ने अपने सांसदों और विधायकों से कहा कि वो अपनी ‘अंतरात्मा की आवाज़’ पर वोट दें। इसका नतीज़ा यह हुआ कि रेड्डी स्वतंत्र उम्मीद्वार वी. वी. गिरी से चुनाव हार गए।

इसके पश्चात रेड्डी, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए लोक सभा अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था, ने सक्रीय राजनीति से संन्यास ले लिया और अनंतपुर जाकर कृषि कार्य में लग गए।

सक्रीय राजनीति में वापसी और राष्ट्रपति पद

जयप्रकाश नारायण के सम्पूर्ण करांति के नारे के बाद रेड्डी राजनैतिक निर्वासन से बहार निकले और सन 1977 के चुनाव में जनता पार्टी के टिकट पर नन्द्याल लोक सभा सीट से जीत गए। 26 मार्च 1977 को उन्हें छठी लोक सभा का अध्यक्ष चुना गया पर कुछ महीनों बाद ही उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

सन 1977 के राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के मृत्यु के बाद राष्ट्रपति चुनाव कराए गए जिसमें नीलम संजीव रेड्डी को बिना चुनाव के निर्विरोध राष्ट्रपति चुन लिया गया। इसके साथ वो सबसे कम उम्र में राष्ट्रपति बनने वाले व्यक्ति हो गए। उस समय उनकी उम्र 65 साल थी।

नीलम संजीव रेड्डी ने 25 जुलाई 1977 को राष्ट्रपति पद का शपथ लिया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने तीन अलग-अलग सरकारों के साथ कार्य किया – मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह और इंदिरा गाँधी।

नीलम संजीवा रेड्डी मृत्यु

जून 1966, 83 वर्ष की आयु में रेड्डी जी का निधन उनके पैतृक स्थान में हुआ. उनका दूरदर्शी नेतृत्व, मिलनसारिता और उपलब्धता ने उन्हें जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों का परम प्रिय बना दिया था.

Jun 19, 2018

जयपुर के रघुवीर सिंह चौधरी की success story अब हिंदी में।

जयपुर के रघुवीर सिंह चौधरी की success story अब हिंदी में।

राजस्थान के जयपुर में रहने वाले रघुवीर सिंह एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। एक समय ऐसा भी था जब उनके घर की हालत इतनी अच्छी नहीं थी कि वह स्कूल जाकर उच्च शिक्षा हासिल कर पाते, इसलिए मजबूरन उन्हें ई कॉमर्स साइट अमेज़न में बतौर डिलीवरी बॉय काम करना पड़ता था। जहां उन्हें महज 9000 तनख्वाह मिलती थी, लेकिन आज यह युवक ऐप के जरिए चाय बेचकर लाखों का कारोबार कर रहा है, चाय बेचकर लाखों का कारोबार करने वाले रघुवीर सिंह की सफलता के मूल मंत्र को आइए जानते हैं।
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 नाम से नहीं काम से अपनी पहचान बनाएं 

बेहद कम उम्र में इतना बड़ा स्टार्टअप शुरुआत करने वाले रघुवीर सिंह मानते हैं, कि इंसान की असली पहचान उनके नाम से नहीं बल्कि काम से बनती है, अपनी मिसाल देते हुए रघुवीर ने बताया कि दिनभर थकने के बाद रघुबीर को अक्सर चाय की तलब लगती थी, लेकिन आस-पास चाय के ठेले या दुकान ना होने की वजह से उन्हें लगातार साइकिल पर डिलीवरी करनी पड़ती थी, रघुबीर ने सोचा कि जब इतनी बड़ी कंपनी अन्य सामानों की डिलीवरी कर सकती है तो क्यों ना वह भी चाय डिलीवर करने का धंधा शुरु कर दें।

वहीं से उन्हें डिलीवरी करने का आईडिया सुझा, इसके लिए रघुवर ने एक ऐप बनाई और WhatsApp और फोन पर आर्डर प्राप्त कर डिलीवर करना शुरू कर दिया।

विपरीत परिस्थितियों में हार ना माने 

कामयाबी की राह में आने वाली अड़चन अक्सर इंसान का मनोबल तोड़ देती है। इस तरह की मुश्किलें रघुवीर के रास्ते में भी आई, दरअसल स्टार्टअप शुरू करने के बाद रघुबर के पास चाय डिलीवर करने की ढेरों फरमाइश आने लगी, इतने बड़े पैमाने पर चाय का बंदोबस्त करना और उसे डिलीवर करना काफी मुश्किल काम था, इसके लिए उन्होंने 100 से भी ज्यादा चाय वालों से संपर्क साधा और 4 बाइकों पर दोस्तों की मदद से चाय पहुंचाना शुरू कर दिया, रोजाना दर्जनों मुश्किलों का सामना करने के बाद आज रघुवीर खुद को एक कामयाब इंसान मानते हैं।

रणनीति बनाएं और मित्र गणों की सलाह लें 

रघुवीर का कहना है कि "किसी भी काम को करने से पहले उस पर शुभचिंतकों या दोस्तों की राय लेना जरूरी होता है, इससे आपको बाजार की स्थिति का बेहतर अनुभव मिलता है, रघुवीर ने शुरुआत में अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर इस काम को शुरु किया था, 3 लोगों में से कोई भी ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था लेकिन कमाई के मामले में आज उसे कई दिग्गजों को मात दे रहे हैं।

रघुबीर को हर दिन 600 से 800 चाय के ऑर्डर मिलते हैं जिससे वह महीनों के लाखों रुपए कमा रहे हैं

सफलता के मंत्र 

लक्ष्य के प्रति मन में जुनून और धैर्यवान विवेक के बिना जीवन में कामयाबी की कल्पना करना मुश्किल है, अक्सर लोग केवल मन में जज्बा लिए लक्ष्य का पीछा करते हैं,जबकि धैर्य इंसान को सही समय पर सही निर्णय लेना सिखाता है।भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीन होनहार खिलाड़ियों ने भी जज्बे और धैर्य के बल पर खुद को शिखरनुमा ऊंचाइयों पर पहुंचाया है,

आगे इस कड़ी में हम आपके लिए लेकर आएंगे, भारतीय महिला क्रिकेट टीम के तीन शानदार खिलाड़ी के जीवन का अनकही कहानी लेकर जिसका छोटा सा भाग हम आपको यहां पर पढ़ने के लिए दे रहे हैं, अगर आपको अच्छा लगे तो हमारे पोस्ट को जरूर पढ़िएगा।

मिताली राज 

भारतीय क्रिकेट की कप्तान मिताली राज का कहना है कि "मुश्किल हालात में धैर्य ना खोना ही इंसान की सबसे बड़ी पहचान है, उसे कभी भी अपनी पहचान नहीं खोनी चाहिए, क्योंकि ईश्वर हर किसी में कुछ ना कुछ एक्स्ट्रा टैलेंट दिये रहता है,

अगर आप उस टैलेंट को पहचान कर अपना काम करेंगे तो आपको सफलता सौ प्रतिशत मिलेगी इसमें कोई दो राय नहीं है,

एकता बिष्ट 

अक्सर लोग ज्यादा जज्बे और जुनून को महत्व देते हैं, ध्यान रखें कि शारीरिक अंगों के कर्मनुसार भी दिमाग को दिल से ऊपर का दर्जा मिला है। अक्सर जुनून में लिए गए फैसलों के परिणाम अच्छे नहीं होते, इसलिए विपरीत परिस्थितियों में धर्य वान बने रहना सबसे जरूरी है, इससे आपको सही फैसले लेने और सही रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। और अगर आप सही समय पर सही फैसला लेते हैं, तो फिर आपको कामयाब इंसान बनने से कोई नहीं रोक सकता।

झूलन गोस्वामी

इंसान का जज्बा कामयाबी की राह पर उनकी रफ्तार को तो तेज कर सकता है, लेकिन वह गति उसे सही दिशा में मिल रहा है या नहीं या धैर्य पर निर्भर करता है, जीवन में सफलता पाने के लिए कुछ एक्स्ट्रा करने की जरूरत नहीं है, बस अपने हुनर को पहचान कर अपना काम आगे बढ़ाएं, आप अपने टैलेंट के अनुसार काम करें और बाजार के अनुसार भी।

तो आपको सफलता जरूर मिलेगी बस आपको धैर्य रखने की जरूरत है, क्योंकि सफल इंसान कोई एक दिन में नहीं बन जाता, वैसे भी एक हार से भी कोई विश्व विजेता नहीं बन जाता और एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बन जाता उसे बार-बार जीतना पड़ता है, उसी तरह आपको भी अपने काम को बार बार करते रहना होगा, तब तक जब तक कि आपका नाम कामयाब लोगों की लिस्ट में शामिल नहीं हो जाए।


तो आज हमने आपको बताया कि रघुवीर सिंह एक अमेजन का डिलीवरी बॉय से कैसे लाखों रुपए महीना कमाने लगे, हम आगे और भी इस तरह के पोस्ट आपके लिए लेकर आते रहेंगे, बस आप कमेंट के जरिए हमारा हौसला बढ़ाते रहें अगर आपको इस तरह के पोस्ट पसंद आते हैं, तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करते रहें और कमेंट करना ना भूलें।

दोस्तों यह जयपुर के रघुवीर सिंह चौधरी की सच्ची घटना है। आप लोगों के साथ यह इसलिए शेयर किया है ताकि आप भी ऐसे मोटिवेट होकर अपनी जिंदगी में कुछ अच्छा कर सके आपको कैसा लगा जरूर बताइएगा। 

Jun 18, 2018

Startup में सफल होना चाहते हैं तो कभी ना करे ये गलतियां !

Startup में सफल होना चाहते हैं तो कभी ना करे ये गलतियां !

Branding अपने आप में एक विशाल और तीव्र विषय है। और साथ में Social Media की Bragging के साथ , Marketing, Domain और Branding अब और भी अधिक मुश्किल और विशाल हो गया है. अब आप अपने Brand की World में Presence का आनंद ले सकते है. और विदेशी ग्राहकों के साथ भी जुड़ सकते है और बातचीत कर सकते है. लेकिन जब Branding और Marketing होती है तो Brand की प्रसिद्धि के साथ एक भारी दवाब भी आता है. आपके द्वारा Marketing और अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए हर इंच पर की जाने वाली गतिविधियों पर Competitors एवं Customers की पैनी नजर होती है. तथा आपने Brand की हर महत्वपूर्ण ग्राहकों द्वारा देखी जाती है.

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आपके Startup के दौरान आपके द्वारा कोई भी ऐसी गलती करना या कोई भी ऐसा कदम उठाना जिसके बारे में आपने सोचा हो की ये युक्ति काम करे, एक गलती से वो आपने Startup पर असर डाल सकती है.
खेर जिन्हे Startup पर अभी काम करना है उनके लिए इस प्रकार के पूर्वानुमान बाजार के स्वाभाव, बाजार में आपकी मौजूदगी, सद्भावना, ग्राहक के प्रति ईमानदारी और इसी से मिलते जुलते Factors पर निर्भर करती है. इसलिए अब आपके पास जो मिल गया है उसका Proper Analysis करना आवश्यक है.

1. सिर्फ Social Media Platform पर Socialising करना Enough नहीं है.


अपने Brand की Socialising करना किसी भी Business की सफलता की key है. और Digital Platforms  के आने से आप एक साथ हजारो लोगो के साथ काम कर सकते है. और सबसे great बात ये है की ये सस्ता है और इसमें ज्यादा Technique की कोई आवश्यकता भी नहीं है. युवा पेशेवर लोग इन सब के बारे में बहुत अच्छे से जानते है, लेकिन वो ये नहीं जानते की Social Media केवल एक Brand पेज नहीं है, बल्कि सक्रिय रूप से एक सामग्री पोस्ट करने के लिए है.

इसलिए आवश्यक है कि अपनी Brand की पहचान के लिए आप सुन्दर Images का प्रयोग करे, और अपनी Brand की सेवाओं और विशेषताओं को लोगो तक पहुंचाए. और इसके लिए जरुरत पडने पर आप Canva  जैसे Free Social Media Graphics Tools की मदद ले सकते है.

2. Analytics की शक्ति को काम करके न आंके


Social Media पर होने के नाते नियमित रूप से Post करना और Comments का जवाब देना ही एकमात्र काम है जो मायने रखता है। लेकिन एक बात है कई Startups मानते हैं कि आपके Page के Results Analyze करना और उस पर Experiment करना आपके Efforts को पूरी तरह से अलग स्तर तक ले जा सकता है. किसी भी Digital marketing Expert से पूछें, और वे आपको Analytics के महत्व बताएंगे।

3. Consistency का ध्यान रखें. 

किसी भी Brand की Followers की आँखों में एक झलक दिखाने के लिए स्वयं के लिए एक छवि बनाने की ज़रूरत होती है, और यह कार्य आपकी Offline और Online Presence में प्रत्येक Brand की Design के Look का पालन करके ही किया जा सकता है. और कभी कभी Startups इस प्रकार के Creative Efforts को करना भूल जाते है.

For Example:- एक रंग में उसके Shades की कई प्रकार हो सकते है. और आपके Brand के बारे में बात करे तो जो भी रंग आपके Brand को Represent करता हो उसका रंग बिलकुल Clear होना चाहिए. Color में जरा सी भी गड़बड़ या एक छोटा सा भी अंतर Customers में आपका विश्वास खो सकता है. इसलिए Exact रंग जानने के लिए ImageColorPicker.com पर जाएं। यहां आप आसानी से किसी भी रंग के HEX Code प्राप्त कर सकते हैं। अब आपको जो कुछ करना है उसे अपने रंग के रंगों से मेल करने के लिए Hex Color Code Copy and Paste करना है.

हालाँकि इस तरह की छोटी सी भी Image या Logo आपकी Brand की Consistency के बारे में बताता है. आपका Logo आपकी Brand का वो Central Element है जो लोगो को आपको पहचानने या याद रखने में मदद करता है. ऐसे कई Online Logo Designing Tools हैं जैसे Canva, Photoshop, आदि जो आप एक साफ Logo Design कर सकते हैं। एक बार यह पूरा हो जाने पर, इसे अपने सभी Brand पहचान तत्वों पर रखना सुनिश्चित करें, चाहे Image या Email में हो कोई फर्क नहीं पड़ता इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आपका Logo Placement के अनुसार Scalable है, एक ख़राब या बढ़ाया लोगो कभी अच्छा नहीं लग सकता है.

और यह लोगो आपकी Social Media Post, Packaging, Website जो भी बने उसपर आपकी Consistency को बनाये रखने में सहायक है, और आपके प्रयास के बदले में, आप एक Brand पहचान बना लेंगे जो आसानी से पहचानने योग्य है क्योंकि For Example, Yellow and Red Combination हमें McDonald's  के बारे में याद दिलाते हैं

4. अपने प्रतियोगियों से प्रेरणा लेना 

एक Website बनाने या Mobile App बनाने से पहले यहाँ तक की Packaging करने से पहले भी थोड़ी सी Research and Competitor Analysis करना एक Ideal Need  है. यह सब कुछ यह जांचने के लिए किया जाता है कि Customers द्वारा किस प्रकार की प्रवृत्ति और पसंद किया गया है। हालांकि, इस प्रक्रिया में, कई Startups अंत में अपने Competitors की नकल करते हैं जिससे उनकी छवि गंभीर रूप से बाधित होती है, इसलिए चाहे कोई भी Product आपके Product से बेहतर या अभिनव हो, आपका पहला Impression अगर नक़ल करने वाला हो तो आपका Startup बिगड़ सकता है.


Conclusion
यही वास्तविकता है की अपने #Startup की #Branding में आप जो भी कर रहे हो या जो भी योजना बना रहे हो उसमे सावधानिया बरतना आवश्यक है. क्यूंकि एक छोटा-सा गलत कदम भी उनके भविष्य को बर्बाद कर सकता है, जो बड़े स्थापित Industries के मामले में नहीं है। इसलिए पहले हमेशा अपने Customer की Priority का ध्यान रखे, और उसके आधार पर अपने Query and Complaints को Respond करें, इसके बाद ही आप लंबी अवधि की दौड़ जीत सकते हैं.