Sep 24, 2018

Bitcoin कैसे बनते है, बिटकॉइन माइनिंग क्या होता है? Bitcoin mining in Hindi.

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Bitcoin क्या है, कैसे बनते है? बिटकॉइन माइनिंग क्या होता है? और बिटकॉइन mining से सम्बंधित technical जानकारी ।

दुनिया में Bitcoin ने अपनी अलग ही पहचान बना ली है, लेकिन आज भी ऐसे बहुत कम लोग हैं जो actually जानते हैं कि Bitcoin आखिर है क्या? देखा जाये तो आम जनता अभी भी bitcoin से बहुत परे है। ये situation कुछ ऐसी ही है, जैसे जब Albert Einstein ने "theory of relativity" को invent किया। सारा जहाँ समझ रहा था कि कुछ बड़ा हुआ है, लेकिन क्या, उसका सार कोई नहीं जानता।  Bitcoins भी ऐसा ही कुछ है। हाँ" ये पिछले कुछ सालों में बहुत Famous हो गया है, लेकिन अभी भी काफी लोग bitcoins के बारे में बहुत कम जानते हैं.

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Bitcoins को समझने के लिए internet पर बहुत सी Guides Available हैं जहाँ से bitcoins के बारे में सारी जानकारी मिल जाएगी. इस article में हम बात करेंगे bitcoin mining के बारे में. यह एक ऐसा term है जो bitcoin के साथ हमेशा जुड़ा ही पाया जाता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में details में।

क्या है Bitcoin Mining?

Bitcoin Mining एक ऐसी process है जिसकी मदद से Bitcoin Transactions को Public Ledger में Update किया जाता है। जिस तरह हम हर कुछ समय के बाद Banks जाकर हमारी Passbooks में हमारे Transactions को Document/Print करते हैं, ठीक उसी तरह, Bitcoins के भी Transactions आप Online देख सकते हैं। और यही क्रिया bitcoin mining कहलाती है। इस Process में bitcoins बनाने वाली Blockchain से interaction किया जाता है। जो लोग इस computationally complicated activities में part करना चाहते हैं, उन्हें bitcoin tokens से reward किया जाता है.

Blockchain क्या है?

कोई भी Information जो पुराने Bitcoin Transaction से Associated है, उसे Block कहा जाता है. Virtual currency/ Cryptocurrency की दुनिया में किसी भी पुराने bitcoins Transactions के Ledger को blockchain कहा जाता है.  आसान शब्दो में कहूँ तो आपकी passbook जिसमे आपके पुराने सारे transactions का लेखा जोखा है, वह bloackchain कहलाएगी और इस passbook पर लिखा हुआ हर transaction block कहलायेगा. सीधी बात करू तो bloackchain एक ऐसी क्रिया है जिससे bitcoin network में Transactions Record किये जाते हैं।

ऐसे लोग जो Software Field में महारत हासिल कर चुके हैं, केवल वही इस Mining क्रिया यानि कि bitcoin Transactions Recording की क्रिया को कर सकते हैं। ये जो expert लोग होते हैं, जो कि mining करते हैं, उन्हें bitcoin की दुनिया में Miner कहा जाता है। और मैं ये आपको बता दूँ कि इस काम के बदले अच्छी खासी fees मिलती है, और साथ ही, इस process में बने bitcoins भी उन्ही miners को मिलते हैं।

Mining क्यों की जाती है?

चूँकि Bitcoin आजकल बहुत ही Iimportant हो गया है, इस Bitcoin nodes को एक fishing या छेड़छाड़ के बिना safe allowance देना बहुत ज़रूरी हो गया है, Mining का main motive यही है. Mining  की मदद से bitcoins system में launch किये जाते हैं. और जैसे कि मैंने आपको बताया, इस Mining की process के बदले उन्हें new bitcoins की subsidy भी प्राप्त होती है. आजकल तो market में कई Bitcoin Mining calculators भी उपलब्ध हैं जो आपसे कुछ जानकारी लेकर ये बता देते हैं कि कितने bitcoins इस क्रिया से generate होंगे।

Bitcoin Mining एक Decentralized तरीके से bitcoins को promote करता है, इसके अलावा ये लोगों को system की safety पर ध्यान देने के लिए भी encourage करता है. जिस तरह हम Mining की मदद से लोग Gold, Diamond, आदि ज़मीन से निकलते है, ठीक उसी तरह, Bitcoin भी mine किया जाता है, इसके लिए भी hardwork लगता है, और यह process भी बहुत धीरे धीरे होता है।

लेकिन दोस्तों, ऐसा नहीं है कि bitcoins प्राप्त करने का यह एकमात्र तरीका है. अगर आप bitcoins चाहते हैं तो आप इन्हे किसी product/service के बदले में, या currency exchange में या online games में भी पा सकते हैं।

क्या आप जानते हैं कि bitcoins इस तरह से design किये गए हैं कि एक बार में 21 million से ज्यादा bitcoins exist नहीं कर सकते, और इसीलिए Bitcoin Mining की process इतनी complicated है और एक specific  resource द्वारा ही process की जा सकती है.  अगर ये process इतनी complicated नहीं होगी तो ये संख्या जल्दी ही इस limit से कई आगे बढ़ जाएगी क्यूंकि अभी ही around 16 million bitcoins already उपयोग में हैं. किसी भी block की authenticity check  करनी हो तो proof of work का उपयोग किया जाता है. यह proof of work हर transaction में दूसरा Bitcoin node check करता है. इस checking process के लिए Bitcoin एक function का उपयोग करता है, जिसे Hashcash कहा जाता है।

POW/Proof of work क्या है?

दोस्तों, POW या Proof of work ये ensure करता है कि कोई भी miner cheat ना करे।

चूंकि Bitcoin network में कोई भी real world identity connect नहीं होती, miners को खुद के लिए ही new bitcoins generate करने से रोकने के लिए कोई process चाहिए होगी.  चलिए, आपको इसे एक example की मदद से समझाते हैं. समझिये आप कुछ लोगों के साथ हैं और आप सभी को एक math problem का answer guess करना है और कोई भी नहीं जाता कि कौन सबसे पहले सही जवाब देगा. जो भी सबसे पहले सही जवाब दे देगा, उसे reward(इनाम) मिल जायेगा, लेकिन बाकि दुसरे miners को इस transactional record को approve करना पड़ेगा। अगर बाकि miners को ये लगता है कि कोई miner fraud transaction कर रहा है, तो वे लोग इसे accept करने से मना कर सकता हैं।

यही वजह है कि new block creation की process energy sensitive होती है ताकि हर new block create होते वक़्त कुछ cost involve हो. इस तरीके से उन miners को रोका जाता है जो बहुत सारे fraud blocks ये सोच कर create कर देते हैं कि शायद वो accept हो जाएँ और reward पा लें।

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Wrapping it up!

तो दोस्तों, आशा है कि इस article ने आपकी सभी queries को solve किया. अगर फिर भी आपको कोई doubts हो, तो comments में ज़रूर share करें।
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1 comment:

  1. Very marvellous Article ! keep posting these type of article. cyber crime Analyst kislay chaudhary advice on bitcoin fraud

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