May 23, 2016

हमारे राष्ट्रीय पर्व [ Our national festival]

हमारे राष्ट्रीय पर्व

 Our national festival

भूमिका- पर्व दो प्रकार के होते हैं- सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय | सांस्कृतिक पर्वों का संबंध धर्म तथा सांस्कृति से होता है, जैसे- होली, ईद, क्रिसमस आदि | राष्ट्रिय पर्व समस्त राष्ट्रवासिओंकी देशभक्ति की भावना से जुड़े होते है | राष्ट्रिय पर्वों का संबंध उस देश के इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों से जुड़ा होता है, जिन्होंने राष्ट्र-निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई होती है | हमारे तीन प्रमुख पर्व हैं- 15 अगस्त को मनाया जाने वाला ‘स्वतंत्र दिवस’, 26 जनवरी को मनाया जाने वाला ‘गणतंत्र दिवस’ तथा 2 अक्तूबर को राष्ट्रीयता महात्मा गांधी का जन्मदिन ‘गांधी जयंती’ |

 Our national festivalविस्तार-

स्वतंत्र दिवस- लंबी गुलामी के अंधकार से हमारा देश 15 अगस्त, 1947 को मुक्त हुआ था | उस दिन प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरु ने लाल किले पर तिरंगा फहराया था और राष्ट्र को संबोधित किए थे | तब से आज तक इस दिन देश के प्रधानमंत्री इसे दोहराते आ रहे है | पूरा देश स्वतंत्र के उल्लास में डूबा जाता है | भासनऐं दिए जाती है, राष्ट्रगान गाए जाते हैं तथा उन शहीदों को याद किया जाता है जिन्होंने देश को स्वतंत्र बनाने के लिए अपनी कुबनियाँ दीं |

गणतंत्र दिवस- 26 जनवरी, 1950 को हमारे देश का संविधान लागू हुआ और भारत गणराज्य घोषित किया गया |इस दिन सही अर्थो में हम पूर्ण स्वतंत्र हुए | समूचे भारत में यह दिन हर्षोल्लास से मनाया जाता है | प्रमुख कार्यक्रम दिल्ली के राजपथ पर होता है | राष्ट्रपति ध्वजारोहण करते हैं | इक्कीस तोपें की सलामी दी जाती है | जल, थल और वायु सेना की टुकड़ियाँ उन्हें सलामी देती है | हमारे सैन्य-बल का भव्य प्रदर्शन होता है | एन॰सी॰सी के कैडेट तथा स्कूल के बच्चे परेड में भाग लेते हैं | अलग-अलग प्रांतों की झाँकियाँ निकलती है तथा लोक-नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं | सोभा यात्रा के बाद हमारे जाँबाज़ ‘डियर डेविल’मोटर साइकिलों पर अद्दभुत कारनामे दिखाते है, दर्शको को सम्मोहित कर लेते हैं | प्रदेशों की राजधानियों  में गवर्नर या मुख्यममंत्री परेड की सलामी लेते हैं और ध्वजारोहन करते हैं |
गांधी जयंती- 2 अक्तूबर को राष्ट्र्यपति महात्मा गांधी का जन्म हुआ था | भारत को स्वतंत्र करने और समाज को नई दिशा देने के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी कुर्बान क्र दिया | इस दिन उनके समाधी-स्थल ‘राजघाट’ जाकर सब उन्हें श्रीद्धांजलि अर्पित करते है |सब धर्म-ग्रंथो का पाठ होता है | बापू के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ आदि गए जाते है | उनकी याद में अनेकानेक भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ आयोजित किए जाते है  | उनके ‘सत्य-अहिंसा’ के आदर्शों पर चलने का संकल्प प्रेरणा ग्रहण करते हैं |


उपसंहार- ये राष्ट्रिय पर्व हममें देशभक्ति की भावना को और सुदृढ़ करते हैं | हमें उन वीर देशभक्तों का स्मरण कराते  हैं, जिन्होंने अपना सर्वस्व देश पर न्योछावर कर दिया | ए पर्व हमारी असीमता, स्वाभिमान और स्वतंत्र के प्रतिक हैं | हम महान देशभक्तों को श्रद्धंजली अर्पित करते हैं और उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा ग्रहण करते हैं |



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    2 comments:

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      1. धयनवाद altaf खान😊.
        आपको हमारा छोटा सा लेख पसंद आया। युही आप अपना प्यार हमारे वेबसाइट के साथ बनाये रखे । हम आपके लिए लेख लाते रहेंगे।

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