Jul 3, 2017

GST क्या है ? और GST के लाभ क्या है

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GST (Goods & Service Tax) क्या है ? GST के लाभ क्या है ?

GST एक अप्रत्यक्ष कर ( Indirect Tax ) हे | जिसका पूरा नाम “ वस्तु एवं सेवा कर “  (Goods and  Service Tax ) हे | अप्रत्यक्ष कर ( Indirect Tax )  वो होता हे, जो हमारे दवारा बेचीं गई वस्तु एवं सेवा या उसके निर्माण पर दिया जाता हे, इसी तरह ( G.S.T. ) जी.एस.टी. भी एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax ) हे | ( G.S.T. ) जी.एस.टी. 30 जून को रात 12 बजे से पुरे भारत में लागू हो जायेगा |     ( G.S.T. ) जी.एस.टी. की चार दर 5% 12% 18% 28% हे | 
अभी तक:-  
 (Central Excise) रास्ट्रीय उत्पाद शुल्क                      
 (Service Tax) सर्विस टैक्स
 (Vat / Sales Tax) वेट / विक्रय कर 
 (Entertainment Tax) मनोरंजन कर   ----  (G.S.T.) वस्तु एवं सेवा कर            
 (Luxury Tax) विलासिता कर
 (Lottery Tax) लाटरी कर
 (Octroi Tax) चुंगी कर
 (Entry Tax) प्रवेश शुल्क
 (Purchase Tax) क्रय शुल्क 

इतनी तरह के अप्रत्यक्ष कर (indirect Tax) लगा करते थे | अब इन सब अप्रत्यक्ष करो (Indirect Taxs) की जगह, एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) (G.S.T.) जी. एस. टी. पुरे भारत वर्ष में लागू होगा |
जेसा की आप जानते हे हमारे देश में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश हे | इस कारण इतने सारे अप्रत्यक्ष कर (indirect Tax) होने के बाद भी राज्यों के द्वारा भी कर लगाये जाते हे | जो राज्यों की आर्थिक स्थति के आधार पर स्थाई और अस्थाई तोर पर लगाये जाते हे | और इन सब अप्रत्यक्ष करो (Indirect Taxs) के प्रतिशत भी हर राज्य में अलग अलग होते हे | इसी कारण से (G.S.T.) जी.एस.टी को लागू  किया गया हे | इसके लागू होने से पुरे भारत में एक समान कर और कर की दर होगी | इसके लागू होते ही देश के 1150 चेक पोस्ट (Check Post) बंद होने से वस्तुओ का प्रवाह आसान होगा | राज्य और केंद्र के मिलकर 16 अप्रत्यक्ष कर (indirect Tax) भी समाप्त होने से व्यापार सरल होगा | 

(G.S.T.) जी.एस.टी. से लाभ :- समान कर प्रणाली होने से व्यापार में भी आसानी होगी, व्यापारिक पंजीकरण और रिटर्न (return) दाखिल करने में भी आसानी होगी | कागजी कार्यवाही में भी कमी आयेगी, जिससे कम मानवीय श्रम लगेगा | जिससे विभागीय और व्यापारिक खर्च भी कम लगेगा, और समय और धन दोनों की बचत होगी | कई प्रकार के कर होने के कारण अभी 35% कर लगता हे | और 1% विभागीय खर्च, २% क़ानूनी खर्च और कई कर एसे थे जो दुसरे कर से एडजस्ट (adjust) नहीं होते थे, या उन में इनपुट (Input) क्रेडिट credit का प्रावधान ही नहीं होता हे |

क़ानूनी दस्तावेज के अभाव में वस्तुओ पर दुगना तिगुना कर लग जाता था | अंतर राज्यीय विक्रय पर गलती से जयादा कर लग जाने पर उसके रिफंड की (refund) क़ानूनी कार्यवाही करनी पड़ती थी | उसका का खर्च अलग से वहन करना पड़ता था | और कई मामलो में कार्यवाही  लम्बी चलती थी | पहले विभागीय कार्यवाही फिर ट्रिब्यूनल फिर कोर्ट, हाई कोर्ट, फिर सुप्रीम कोर्ट तक अपील करना पड़ती थी |

 इससे कई सालो तक केस (cease) चलता रहने से रहने कार्यशील पूंजी रुक जाती थी | और सालो का क़ानूनी खर्च अलग से, जिससे व्यवसाय को भरी नुकसान होता था या वो बंद हो जाते थे | इन सब व्ययो और जटिलता के कारण वस्तु की लगत में 55 % तक की वृधि हो जाती थी | जिसका सीधा और अंतिम भार उपभोक्ता पर पडता था | जटिल क़ानूनी प्रक्रिया होने के कारण न विदेशी निवेश आता था. और न नये उधोग शुरू हो पते थे | इस कारण राष्ट्र की प्रगति को भी नुकसान पहुचता था | तथा नोकरीयो का आभाव, और महगाई जेसी समस्या का सामना करना पड़ता था | (G.S.T.) जी.एस.टी. में समान कर प्रणाली और अधिकतम कर की दर (Tax Rate) 28% होने से इन सब समस्या में सुधार होगा | 

और एक विशेष जानकारी की जी.एस.टी.(G.S.T.) एक अप्रत्यक्ष कर (indirect Tax) हे | और आयकर एक प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) हे | परिवर्तन सिर्फ अप्रत्यक्ष करो (Indirect Taxes) में हुआ हे | प्रत्यक्ष करो (Direct Taxes) में नहीं | इसलिए (G.S.T.) जी.एस.टी. का आयकर (Income Tax) से कोई सम्बन्ध नहीं हे GST से आम जनता और व्यापारी ओंर इंडस्ट्री (Industry) सभी को लाभ हे | 

कारोबारी को अलग अलग करो के पंजीयन से मुक्ति मिल जाएगी अलग (return) रिटर्न और चालान भी नहीं भरना होगा जिससे पेसे और समय दोनों की बचत होगी और कर विवादों का निपटारा भी जल्दी हो जाये गा था देश के सभी चेक पोस्ट (Check Post) बंद होने से वस्तुओ का प्रवाह आसान होगा था ब्रांच को माल भेजना आसान होगा | और आम जनता को कालाबाजरी और मंहगाई में राहत मिलेगी | 

वस्तु के मूल्य समान और सस्ते होगे कियोकी देनिक आवशकता की वस्तुओ को 5% और 12% की सीमा में रखा गया हे खाद्य पदार्थ को एवं जीवन रक्षाक दवाओ को कर मुक्त रखा गया हे | अभी पुरे भारत में केवल 80 लाख लोग टैक्स भरते हे (G.S.T) जी.एस.टी. के माध्यम से सरकार का उदेश्य कर का दायरा बढ़ना हे नाकि कर की दर को | यदि ज्यादा लोग टैक्स भरेगे तो कर की दर कम होगी और राजस्व का भी नुकसान नहीं होगा इसलिए (G.S.T.) जी.एस.टी. सभी के लिए लाभप्रद और सबसे बड़ा कर सुधार हे |

यदि आप जानना चाहते है तो GST की कठिनाइयाँ और चुनौतियां क्या क्या है तो इसे जरुर पढ़े

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Writer  &  Accountant

5 comments:

  1. Bhai GST sirf 28 state me lagu hua hai j&k me nai lagu hua hai....
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    1. ha wo ek month bad hoga kiyo ki Defance or finance me us ke kanun alag he eliye uska savidhan alag he par defiance or finance me usko bhartiya savidhan se hi chalna hoga esliye thodi kanuni dikat he defiance or finance ke mamle bhartiya savidhan se lagu hote he esliye wo gst J&K me lagu hoga vidhan sabha me bill pass karke

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    2. j&K me 7.7.2017 ko Tax lagu ho gaya he

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    3. GST J&K ME 7.7.2017 ko lagu ho gaya he

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